संजू फिल्म एक बेहद शानदार फिल्म है और इस फिल्म में सभी कलाकारों ने खुद की सीमा को पार कर उम्दा प्रदर्शन पेश किया है। मगर इस फ़िल्म से परे दिलचस्प तो यह है कि जब परिवारवाद की बात आती है तो सभी के जहन में सिर्फ राजनीतिक दल भटकने लगता है जो कि सच भी है मगर न सिर्फ हमारे देश को राजनीतिक परिवारवाद खोखला बना रही है बल्कि साहित्य, चलचित्र जगत से लेकर खेल जगत ने हमारे देश के प्रतिभाओं को दरकिनार करने में कोई कसर नहीं छोड़ा हैं। सचिन, द्रविड़, मोंगिया और नरेंद्र हिरवानी जैसे दिग्गज खिलाड़ियों के लड़के से लेकर फिल्म जगत में बच्चन परिवार से कपूर खानदान और कई निजी संस्थानों में एक परिवार का वर्चस्व देश में तेजी से बढ़ता जा रहा है। एक ओर आबादी के साथ-साथ बेरोज़गारी का आलम जिस रफ़्तार से सर चढ़कर बोल रहा है उससे देश की साक्षरता दर में वृद्धि के बावजूद हर ओर अपराध का बोलबाला और खाने के लाले पड़े हुए है।
इस लेख का उद्देश्य सिर्फ और सिर्फ अपने पाठकों को जगाना है वरना इन ड्रामेबाजों की अंधभक्ति में हमें खुद और देश के नवयुवा हुनर को अपने सपने को न्योछावर कर देना पड़ेगा। हमें समाज के कुरीतियों के समानान्तर इस मसले के खिलाफ भी अपनी आवाज़ बुलन्द करनी पड़ेगी।
समाज से जुड़े अहम मुद्दों पर विश्लेषणतामक राय। विषय पर गहरी अध्ययन के बाद लोगों के बीच सच्चाई और समझ को आप तक बढ़ाने का उद्देश्य है।
Wednesday, 4 July 2018
Nepotism हमारे देश को बर्बाद कर रहा है!
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